मंगल को मिला बाबा का आशीर्वाद, लगे रहो केजरीवाल

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अनुभव यादव- इसमें कोई दो राय नहीं कि दिल्ली विधानसभा चुनावी कैम्पेन में केंद्र की सत्ताधारी # अध्यक्ष जेपी नड्डा व देश के गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री तक को सड़क पर उतारा था।

कुल मिलाकर कहा जाए तो दिल्ली के चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत छोंक दी थी। इस दौरान बीजेपी पार्टी ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक को भगवा रंग में रंग दिया था। विज्ञापन के जरिए पार्टी ने दिल्ली के हर घर में पार्टी का एजेंडा फैलाया था। इन सभी पर बीजेपी ने अंधाधुन पैसा भी लगाया, जिसका आंकलन करना बहुत मुश्किल है। बावजूद इसके बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा।

बीजेपी के हर नेता ने इस दौरान खुलकर धर्म की राजनीति की थी और केजरीवाल सरकार का मजाक उड़ाने के साथ ही उन्हें आतंकवादी तक बोल दिया था। हालांकि केजरीवाल ने पूरा चुनाव जमीनी मुद्दों जैसे सड़क, पानी, बिजली, अस्पताल व शिक्षा पर लड़ा था। इसके साथ ही अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में तीसरी बार सरकार बनाते हुए प्रचंड जीत हासिल की और तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बन गए हैं।

देखा जाए तो दिल्ली के इन चुनावों में बीजेपी का हर दांव उल्टा पड़ा है। उनके नेता केजरीवाल को गद्दार व बेकार बताते रहे, जबकि केजरीवाल 5 साल में किए गए कामों की बात करते रहे।

कब क्या कहा बीजेपी के नेताओं ने-
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने दिल्ली में कईं रैलियां की और कैम्पेन के दौरान केजरीवाल द्वारा किए हर काम को नक्कारा व दिल्ली में हिंसा फैलाने का ठीकरा भी आम आदमी पार्टी के सिर फोड़ा था।

अमित शाह का बयान-
बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने दिल्ली में कैम्पेन के दौरान कहा था कि 8 फरवरी को इतनी जोर से बटन दबाना कि करंट शाहीनबाग में जाकर लगे। उनके इस बयान की काफी आलोचना हुई थी।

योगी आदित्यनाथ का बयान-
इस कैम्पेन के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीछे नहीं रहे और उन्होंने भी दिल्ली में रैली के दौरान केजरीवाल को शाहीनबाग बनाने या प्रायोजित करने की बात कही थी। उन्हें वहां के लोगों के साथ बिरयानी खिलाने की बात तक बोली थी।

प्रवेश वर्मा ने क्या कहा था-
कैम्पेन के दौरान बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा था कि “दिल्ली की जनता जानती है कि जो आग कुछ समय पहले कश्मीर में लगी थी और वहां से हिंदुओं को पलायन करना पड़ा था। वही आग यूपी में लगी थी और आज यह आग दिल्ली के एक कोने में लगी है। ये लोग आपके घरों में घुसेंगे और आपकी महिलाओं को उठाकर ले जाएंगे”। इसी तरह प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को आतंकवादी भी बोला था।

अनुराग ठाकुर का बयान-
चुनावी रैली के दौरान वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शाहीनबाग में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा था कि “देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को”। अनुराग का यह नारा अरविंद केजरीवाल व शाहीनबाग में प्रदर्शन करने वालों के लिए था।

कपिल मिश्रा का बयान-
आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी पार्टी का दामन पकड़ने वाले नेता कपिल मिश्रा ने भी कई विवादित बयान दिए, जिसमें केजरीवाल को आतंकवादी बोलना व गद्दार कहना भी शामिल रहा है। इसी के साथ मिश्रा ने एक बार दिल्ली चुनाव को भारत-पाकिस्तान की लड़ाई तक कह डाला था।

मनोज तिवारी का बयान-
इस चुनावी कैम्पेन के दौरान बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के सबसे ज्यादा बोल बिगड़े हैं। तिवारी ने अरविंद केजरीवाल को कभी नक्सली कहा, तो कभी गद्दार कहा, यही नहीं केजरीवाल के हनुमान चालीसा पढ़ने व बिन हाथ धोए बाबा पर माला चढ़ाने को लेकर भी बयान दिया था और केजरीवाल का मजाक उड़ाया। तिवारी ने शाहीनबाग व सीलमपुर में हुई हिंसा का ठीकरा भी केजरीवाल व उनकी पार्टी पर फोड़ा था। तिवारी अंत तक बोलते रहे कि उन्हें दिल्ली में 48 सीटें मिलेंगी, लेकिन शाम करीब पौने 5 बजे अपनी हार स्वीकार करते हुए पहले से अच्छा प्रदर्शन करने की बात कही। इसी तरह बीजेपी प्रवक्ता संभित पात्रा हर डिबेट में केजरीवाल व उनकी सरकार को शाहीनबाग बनाने व उनका साथ देने की बात बोलते रहे।

केजरीवाल को मिला बाबा का आशीर्वाद-
अन्ना आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी 2013 में 28, 2015 में 67 और 2020 में 62 सीटें जितने के साथ ही एक ऐसी पार्टी बन गई है, जिसने पहली, दूसरी नहीं, बल्कि तीसरी बार भी प्रचंड जीत हासिल की है। वहीं बीजेपी सिर्फ 8 सीटें हासिल कर पाई, जबकि कॉंग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। इस तरह केजरीवाल को मंगल के दिन हनुमानजी का आशीर्वाद मिला।

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