महिला की जान बचाने वाले पुलिसकर्मी को अफसरों ने किया सम्मानित

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रीना गुप्ता। लॉकडाउन के समय जब लोग अपने घरों पर कैद होने की मजबूर थे, तब एक पुलिसवाले ने अपनी जान पर खेलकर एक ऐसा काम किया था, जिससे खुश होकर अब अफसरों ने उसे न सिर्फ सम्मानित किया, बल्कि उसे नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया है, आइये बताते हैं पूरी खबर…
जानकारी के मुताबिक दिल्ली के विजय विहार थाना अंतर्गत वी-5, बुद्ध विहार, फेज-1 में 42 वर्षीय कंचन अपने पति संजय बत्रा और 20 वर्षीय बेटे रिषभ के साथ रहती है। बीते 6 अप्रैल की सुबह करीब पौने 10 बजे उनकी गली में कूड़ा उठाने वाली सरकारी गाड़ी आई थी। जहां कंचन अचानक शोर मचाने लगी। वो सफाईकर्मियों को कूड़ा उठाने के लिए मना करने लगी और देखते ही देखते वो कूड़े की गाड़ी के आगे लेट गई। यह देख पड़ोसियों ने पीसीआर को फोन कर दिया। तब तक थाने से बीट अफसर विनोद भी मौके पर पहुंच गए। गली में हंगामा होते देख उन्होंने महिला को पड़ोसियों की मदद से उठाया और समझा बुझा कर उन्हें घर भेज दिया। कुछ मिनटों बाद ही वह महिला अपने घर की छत पर चढ़ गई। अभी विनोद वहां से जा ही रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि वहां मौजूद लोग शोर मचा रहे हैं और महिला छत से कूदने की कोशिश कर रही है।

हवलदार विनोद ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन महिला नहीं मानी और मना करते, करते भी अपने घर की छत से कूद पड़ी। यह नजारा उस समय पूरा इलाका व महिला के परिजन भी देख रहे थे। उस समय वहां 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे, लेकिन किसी की भी इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वो महिला को किसी तरह बचा सकें। ऐसे में जांबाज विनोद भीड़ से निकलकर आगे आए और उन्होंने कूदती हुई महिला को सड़क पर गिरने से ठीक पहले कैच करते हुए पकड़ लिया। विनोद ने महिला को इस तरीके से पकड़ा था, जैसे कोई खिलाड़ी बाउंड्री पार करते हुए बॉल को अचानक कैच कर लेता है। इस तरह उस महिला की जान बचा ली गई। इसके बाद महिला को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां महिला की हालत अब स्थिर है। पूछताछ के दौरान महिला के पति व बेटे रिषभ ने पुलिस को बताया कि कंचन पिछले कईं दिनों से दवाईयां खा रही थी और उनकी मानसिक हालात ठीक नहीं है। इसी वजह से महिला कईं बार हिंसक हो जाती है और बेवजह हंगामा करने लगती है।

जरा सी देर में चली जाती जान
इस घटना के बाद हवलदार विनोद की पूरे इलाके ने प्रसंशा की और उन्हें महिला की जान बचाने का श्रेय देते हुए धन्यवाद किया। आपको बता दें कि जिस सड़क पर महिला गिरने वाली थी, वो सड़क सीमेंट की थी। सोचिए अगर वह महिला इतनी ऊंचाई से सड़क पर गिरती तो उसका क्या हाल होता। हालांकि पुलिस की फुर्ती और बल की वजह से ऐसा नहीं हुआ और अब वह अपने परिवार के साथ बिल्कुल ठीक है।

पुलिसकर्मी हो गया था जख्मी
पुलिस ने बताया कि महिला को इतनी ऊंचाई से गिरते हुए कैच कर लेना कोई मामूली बात नहीं है। दरअसल विनोद जिम में कसरत करते हैं, जिस वजह से वे महिला का वजह झेल गए और महिला को गिरने नहीं दिया। आपको बात दें कि इस दौरान विनोद के बाजू में अंदरूनी चोट भी आई, जो दवाई लेने के बाद ठीक हो गई।

अफसरों ने किया सम्मानित
रोहिणी जिला के डीसीपी पी के मिश्रा ने महिला की जान बचाने वाले हवलदार विनोद के इस कार्य से खुश होकर उन्हें सम्मानित किया है। विनोद को पूरे नॉर्दन रेंज के बेस्ट बीट अफसर का खिताब दिया गया है। स्पेशल कमिश्नर संजय सिंह ने विनोद को प्रसंशा पत्र व 8 हजार रुपये नकद का पुरुस्कार भेजा है, जिसे डीसीपी ने शाबाशी देते हुए विनोद को सौंपा है।

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