दिल्ली का वो सब इंस्पेक्टर जो प्रमोशन पाते हुए पहुंचा आईपीएस तक

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नारद डेस्क। लंबे समय तक दिल्ली पुलिस के पीआरओ के पद पर तैनात रहे राजन भगत बीते 30 अप्रैल 2020 को रिटायर हुए थे, लेकिन इसके मात्र 11 दिन बाद ही यानी 12 अप्रैल को उन्हें फिर से दिल्ली पुलिस में बुला लिया है।

राजन भगत को भारत सरकार ने दिल्ली पुलिस में दो वर्षों के लिए बतौर सलाहकार नियुक्त किया है। इस दौरान उन्हें उन सभी सुख, सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जो उन्हें पुलिस में रहते हुए पहले से मिलता आया है।

आपको बता दें कि राजन भगत दिल्ली पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर भर्ती हुए थे। बताया जाता है कि जिस पद पर राजन भगत की नियुक्ति हुई थी, उस समय उस पद की सिर्फ एक वैकेंसी निकली थी, जो राजन भगत को मिल गई। यह जॉब एक तरह से कम्प्यूटर पर काम करने की थी, जिसमें प्रमोशन भी काफी जल्दी मिलने थे। इसके बाद राजन भगत को समय-समय पर प्रमोशन मिलता रहा और साल 2008 में उन्हें यूटी कैडर का आईपीएस पद दे दिया गया। इस तरह राजन भगत सब इंस्पेक्टर से डीसीपी के पद पर पहुंच गए।

आमतौर पर दिल्ली पुलिस में कार्यरत सब इंस्पेक्टर एसीपी तक ही पहुंच पाते हैं और एसीपी पद पर ज्यादा से ज्यादा पांच, छ वर्षों तक ही सेवाएं दे पाते हैं, लेकिन यह पहली बार है कि जब कोई सब इंस्पेक्टर आईपीएस तक पहुंचा हो और इस पद का 12 वर्षों तक स्वाद चखा हो। राजन भगत एक बार एसीपी सिविल लाइंस सब डिवीजन भी रहे हैं।

इसके बाद वे एसीपी रहते हुए दिल्ली पुलिस के पीआरओ बनाए गए और लंबे समय तक पीआरओ रहते हुए प्रमोशन भी मिलता गया। जिस पद पर राजन भगत रिटायर हुए हैं, उस पद तक एक सब इंस्पेक्टर का पहुंचना लगभग नामुमकिन है। आईपीएस मिलने के बावजूद उन्हें कभी दिल्ली से बाहर नहीं भेजा गया, जबकि अन्य आईपीएस अफसरों को दिल्ली से बाहर जाना अनिवार्य होता है।

अब राजन भगत के रिटायरमेंट के 11 दिन बाद 12 अप्रैल को होम सैकेट्री ने दिल्ली पुलिस के स्टेब्लिसमेंट डिपार्टमेंट को एक लेटर जारी किया है, जिसमें डीसीपी राजन भगत को दो वर्षों तक दिल्ली पुलिस का सलाहकार नियुक्त किया है। इस तरह राजन भगत 39 वर्षों की सेवाओं के बाद अब भी दिल्ली पुलिस में कार्यरत रहेंगे।

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