सीएए पर हिंसा: एक बाहरी ग्रुप द्वारा तीनों ही जगहों पर हिंसा फैलाने का शक

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नारद डेस्क। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में दिल्ली के जामिया नगर, जाफराबाद, सीलमपुर व दरियागंज में हुए बवाल की जांच में जुटी क्राइम ब्रांच इन सभी ज्रगहों पर एक ही ग्रुप द्वारा हंगामा करने दिशा में अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। दरअसल पुलिस को शक है कि राजधानी के विभिन्न इलाकों में हुए इस हंगामे के पीछे एक ही ग्रुप का हाथ है। इस बात के मद्देनजर क्राइम ब्रांच ने सविर्वस प्रोवाइडर से डंप डाटा की मांग की है। इसके लिए पुलिस ने सर्विस प्रोवाइडर को चिट्ठी लिखी है।
जांच टीम का मानना है कि डंप डाटा से प्रदर्शन को उग्र बनाने वाले प्रदर्शनकारियों और उनके आकाओं के लोकेशन का पता चलेगा, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दरअसल अबतक की जांच में राजधानी जिन भी जगहों पर बवाल हुआ है, उन जगहों पर तोड़फोड़ व आगजनी के पीछे बाहरी लोगों का हाथ होने की बात सामने आ रही है। स्थनीय पुलिस की जांच व धर-पकड़ को लेकर की गई कार्रवाई में यह बात सामने आई है। इतना ही नहीं कुछ संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनकी तलाश की जा रही है। अब जबकि क्राइम ब्रांच की स्पेशल इनवेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए बवाल की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई तो भी तफ्तीश इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
क्राइम ब्रांच ने स्थानीय पुलिस को भी जोड़ा
उधर मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की एसआईटी ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर स्थनीय पुलिस की टीम को भी जांच में जोड़ा है। इसमें से उत्तर पूर्वी जिले से दो पुलिस अधिकारी, दक्षिण पूर्वी जिले के दो, मध्य जिले के एक और शाहदरा जिले के एक पुलिसकर्मी अधिकारी को शामिल किया गया है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी ज्वॉय टिर्की का कहना है चूंकि जांच के दौरान इलाके में भी छापेमारी करनी है तो स्थानीय पुलिस को शामिल करना जरूरी है।
वीडियो में भी एक ही ग्रुप के लोग दिखे
वहीं मामले की जांच में जुटी एसआईटी सूत्रों के मुताबिक हंगामे वाली जगहों पर हुई घटनाओं को लेकर वायरल होने वलो वीडियो व फोटो में भी एक ही ग्रुप के कुछ लोगों की मौजूदगी का पता चला है। ऐसे में पुलिस बवाल के बाद हुई पत्थरबाजी, आगजनी के दौरान जिन भी लोगों की मौजूदगी के सबूत एकत्र किए जा रहे हैं, उनकी लोकेशन को स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। दरअसल घटना के कुछ घंटे पहले से लेकर कुछ घंटे बाद के बीच जिन भी लोगों के मोबाइल इलाके के टावर से कनेक्ट थे या फिर जिन भी लोगों के नंबर से उस वक्त बाहरी से आए या फिर वहां से बाहर किए गए, उसका पता लगाने के लिए सभी सर्विस प्रोवाइडर को सर्विस प्रोवाइडर से डंप डाटा मंगाए गए हैं।
175 वीडियो व 525 फोटो हुए वायरल
फर्जी सूचना व वीडियो वाले जिन अकाउंट को पुलिस ने चिन्हित किया है, उनसे 175 ऐसे वीडियो, करीब 525 फोटो और मैसेज शेयर किए गए। फर्जी वीडियो की जांच के दौरान आए इन तथ्यों के आधार पर पुलिस अब आगे कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। एक तरफ जहां ऐसे लोगों के अकाउंट को बंद करवाने की सोशल मीडियो से दफ्तर से संपर्क किया गया है, वहीं कानून के दायरे में भी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में फर्जी व भड़काउऊ पोस्ट डालने वाले लोगों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
हंगामे को लेकर अबतक क्या हुई कार्रवाई
राजधानी में विभिन्न जगहों पर हुए बवाल के बाद अबतक दस एफआईआर दर्ज कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान करीब 191 लोग घायल हुए, जिसमें से 52 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिसकर्मियों के अलावा अन्य पब्लिक के लोग व प्रदर्शनकारी घायलों में शामिल हैं। वहीं इस दौरान करीब 150 वाहन क्षतिग्रस्त हुए। जबकि दो पुलिस बूथ भी फूंके गए।

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