प्रोटेक्शन मनी मांगने वाला वो बदमाश जिसे पुलिस ने गोली मारकर पकड़ा

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मुस्कान शर्मा। देश की राजधानी दिल्ली में अपराध बढ़ता जा रहा है। इस बार पुलिस ने ऐसे ही एक बदमाश को एनकाउंटर के बाद पकड़कर जेल भेजा है। सेल के डीसीपी प्रमोद सिंह कुशवाह के मुताबिक दिल्ली के पहाड़गंज निवासी 27 वर्षीय अजय उर्फ गंजा को सेल की टीम ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत मुड़भेड़ के बाद बड़ी मुश्किल से पकड़ा है।

पुलिस के मुताबिक अजय उर्फ गंजा ने बहुत कम उम्र में अपराध की दुनिया मे कदम रख लिया था। इन्हीं अपराधों की वजह से यह मात्र 19 साल की उम्र में पहली बार जेल भी गया, लेकिन जेल से निकलने के बाद ये सुधरा नहीं, बल्कि इसके अपराध और भी ज्यादा बढ़ गए। अब अजय दिल्ली के पहाड़गंज, सदर बाजार, करोलबाग व इससे सटे कईं इलाकों में दो नम्बर का धंधा करने वालों से अवैध वसूली का रैकेट चलाने लगा। इतना ही नहीं, इसका हौसला इतना बढ़ गया कि यह आम लोगों को भी डराने धमकाने लगा और कईं लोगों से प्रोटेक्शन मनी मांगने लगा। पुलिस को इसके हर गैरकानूनी काम की जानकारी थी, लेकिन सुबूतों के अभाव में यह हर बार पुलिस से बच जाता था। इसी दौरान इसने पहाड़गंज के एक बदमाश से प्रोटेक्शन मनी मांगी, लेकिन उसने देने से मना कर दिया।

इंस्पेक्टर शिव कुमार, दिल्ली पुलिस

अजय 17 मई 2018 की रात को उस बदमाश सेंकी के घर आराम बाग, पहाड़गंज पहुंच गया। वहां इसने सेंकी को किसी बहाने से घर से बाहर बुलाया और प्रोटेक्शन मनी मांगी, उसने फिर मना कर दिया। अजय ने यह सुनते ही सेंकी को चाकुओं से गोदना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक पड़ोसी राजेन्द्र भी वहां पहुंच गया और बीच-बचाव कराने लगा, लेकिन गुस्से में पागल अजय ने उसे भी चाकू मार कर घायल कर दिया और इस तरह सेंकी कईं चाकू लगने की वजह से लहूलुहान हो गया। इसके बाद अजय मौके से भाग गया। इधर दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां सेंकी की मौत हो गई, जबकि राजेन्द्र बच गया। पहाड़गंज थाना पुलिस ने अजय उर्फ गंजा के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया, लेकिन पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाई। बताया गया है कि अजय के इस कारनामे की वजह से वहां के लोग उससे बुरी तरह डरने लगे और उसका अवैध वसूली का धंधा तेजी से फलने फूलने लगा। इसके बाद मध्य दिल्ली में सट्टा चलाने वाले, अवैध शराब बेचने वाले, देह व्यापार करवाने वाले व अन्य दो नम्बर का धंधा करने वाले छोटे बदमाश अजय से खौफ खाने लगे और सभी लोग उसके एक फोन या मैसेज पर भी पैसा भेजने लगे।

इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह, दिल्ली पुलिस

इधर धीरे धीरे पुलिस ने इसके खिलाफ मुकदमें भी दर्ज करने शुरू कर दिए। अजय के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रॉबरी, डकैती, आर्म्स एक्ट व धमकी देना समेत कईं संगीन धाराओं में कुल 10 मुकदमें दर्ज किए गए। पुलिस उसे ढूंढ रही थी, लेकिन अजय अंडरग्राउंड हो चुका था। इसी दौरान अजय को पता चला कि सेंकी मर्डर केस में उसकी पत्नी गवाह बन गई है। इस जानकारी के बाद अजय अक्टूबर 2018 में एक दिन फिर सेंकी के घर पहुंचा और उसकी बीवी को धमकाते हुए गवाही देने से मना किया। इस मामले में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस तरह अजय के ऊपर पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा, लेकिन अजय लोकल पुलिस के हाथ नहीं लग सका। इसी दौरान अजय उर्फ गंजा की सूचना स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर शिव कुमार को मिली और शिव कुमार ने अपनी टीम के कुछ पुलिसवालों, जिसमें एसआई राजेश शर्मा, एएसआई नरेश सिरोही, अजय चड्डा, आदेश यादव व हवलदार राकेश को मिलाकर अजय के बारे में सूचना जुटाने के लिए पीछे लगा दिया।

इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह, यूपी पुलिस

पूरी टीम पहाड़गंज इलाके में कईं दिन तक रुकी, जहां उन्हें अजय के बारे में पता चला कि इसका अवैध वसूली का धंधा अब भी बड़ी तेजी से चल रहा है, लेकिन वह यहां किस दिन और किस समय आता है ये किसी को भी नहीं मालूम। इसी दौरान सेल की टीम को यह भी पता चला कि अजय शादीशुदा है, लेकिन इसकी एक नहीं, बल्कि दो बीवी हैं। सूत्रों से पता चला है कि अजय अपनी बीवी के साथ ही बीवी की छोटी बहन को भी बीवी बनाकर रखता था। वे दोनों बारी बारी से उससे मिलने भी जाया करती थी। सेल की टीम ने सर्विलांस के माध्यम से भी उसे ढूंढने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो कभी मुम्बई तो कभी पंजाब, हरियाणा, यूपी व उत्तराखंड में ठिकाने बदल बदल कर छिपने लगा।

आरोपी अजय उर्फ गंजा

पुलिस को चकमा देकर जाती थी मिलने
सेल की टीम को कईं दिनों की मेहनत के बाद ये पता चला कि ये दोनों बहनें बारी बारी से आधी रात को कहीं जाती हैं और फिर कईं दिनों बाद वापिस आती हैं। इसी तरह फिर दूसरी बहन जाती है और पहली वाली वापिस लौट आती है। टीम ने कईं बार इन दोनों बहनों का अलग, अलग समय पर पीछा किया और वे कईं घंटो तक उनके पीछे भी लगे रहे, लेकिन फिर अचानक ये कहीं गायब हो जाती थी। इस तरह टीम समझ गई कि ये दोनों बहनें बहुत ही शातिराना तरीके से कहीं जाती हैं, लेकिन बीच में ही पुलिस को चकमा दे देती हैं।

एक बार सेल की टीम ने देखा कि अजय की पत्नी देर रात करीब डेढ़ बजे घर से निकली है। टीम उसके पीछे लगी और मुरादाबाद तक उसका पीछा किया, लेकिन फिर अचानक वह कहीं गायब हो गई। इस दौरान टीम ने देखा था कि उस महिला ने कईं बस, ऑटो व ट्रेन बदली थी। इस तरह पुलिस ने अजय की दोनों बीवी का कईं दफा पीछा किया, जो आखिरी बार जनवरी महीने में मुरादाबाद में देखी गई थी। सेल की टीम समझ गई कि अजय जरूर मुरादाबाद में कहीं छिपा बैठा है और ये महिलाएं कहीं और नहीं, बल्कि अजय से ही मिलने जाती हैं।

यूपी में एनकाउंटर के बाद पकड़ा गया अजय
सेल की टीम ने मुरादाबाद में कईं जगह उसकी तलाश की, लेकिन वो कहीं भी नहीं मिला। तभी टीम को सूचना मिली कि अजय लॉकडाउन में ढिलाई के समय शॉपिंग करने के लिए निकलता है। जब टीम उसे पकड़ने गई तो वह सेल के हाथ नहीं लगा। फिर इसी दौरान बीते 17 जून को इंस्पेक्टर शिव कुमार को गुप्त सूचना के जरिए पता चला कि अजय आज किसी काम से दिल्ली आने वाला है, लेकिन दिल्ली में कहां आने वाला है, ये जानकरी उन्हें नहीं थी। इसके बाद डीसीपी पीएस कुशवाह के निर्देशन में एसीपी अतर सिंह ने इंस्पेक्टर शिव कुमार व इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह की एक टीम बनाई। जिसमेें एसआई पवन, राजेश शर्मा, एएसआई अनिल चड्डा, आदेश, अनिल ढाका, संजीव, हवलदार उपेन्द्र व देवेन्द्र यादव को मिलाया और पूरी टीम शाम को ही मुरादाबाद के लिए रवाना हो गई। चूंकि अजय बहुत शातिर बदमाश था, जिसका पकड़ा जाना बहुत ही जरूरी था, इसलिए शिव कुमार ने मुरादाबाद एसओजी क्राइम ब्रांच को यह जानकारी दी और वहां के इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह ने दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर अपनी पूरी टीम के साथ दिल्ली जाने वाली हर सड़क पर बेरिगेट लगाकर चेकिंग शुरू कर दी।

इनमें से एक बेरिगेट तीर्थकर यूनिवर्सिटी के पीछे दिल्ली जाने वाले रोड पर भी लगाया गया था। देर रात करीब पौने 10 बजे पुलिस ने देखा कि यूनिवर्सिटी के पीछे रोड पर एक बाइक सवार तेजी से चला आ रहा है। वो जैसे ही नजदीक आया तो पुलिस को देखकर वापिस मुड़ गया। इधर पुलिस ने भी उसका पीछा शुरू किया, लेकिन वह मोड़ पर बाइक समेत गिर गया और गिरते ही गोलियां चलानी शुरू कर दी। जबावी कार्यवाही में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें से एक गोली मुरादाबाद के इंस्पेक्टर ने चलाई, जबकि दूसरी गोली दिल्ली पुलिस के एसआई पवन ने चलाई। इस तरह अजय को पैर में एक गोली लग गई और वह घायल हो गया। टीम के अन्य सदस्यों ने तुरंत ही उसे पकड़ लिया और उसकी पिस्टल छीन ली। सेल की टीम इलाज के बाद अब अजय से पूछताछ कर रही है।

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